Breaking News
● हरिद्वार में राशन कार्डों का विशेष सत्यापन अभियान जारी, 462 कार्ड निरस्त ● पिरान कलियर में पुलिस की मुस्तैदी से टली बड़ी अनहोनी, लावारिस मिले मासूम को परिजनों से मिलाया ● खानपुर विधानसभा में बढ़ा सुराज सेवा दल का जनाधार, जलालपुर और अतमालपुर में रमेश जोशी का भव्य स्वागत ● धोखाधड़ी के ₹5000 के इनामी आरोपी को हरिद्वार पुलिस ने दबोचा, चार साल से था फरार ● 25 दिन की मैराथन जांच के बाद ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, प्रेम प्रसंग में महिला की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार ● 25 दिन की मैराथन जांच के बाद ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, प्रेम प्रसंग में महिला की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार ● चलती बस में लगी भीषण आग, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा (देखे वीडियो) ● हेमकुंड एक्सप्रेस में बिछड़ी वृद्धा को जीआरपी ने सकुशल परिजनों तक पहुंचाया ● विश्व पर्यावरण दिवस पर सेवासेतु फाउंडेशन का हरित अभियान, पुलिस अधिकारियों ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
उत्तराखंड

UPSC में 708वीं रैंक को लेकर फैला भ्रम टूटा, केरल की अभ्यर्थी फैरूज फातिमा एम का हुआ चयन

✍ Super Admin 🕒 07 Mar 2026, 01:57 PM
UPSC में 708वीं रैंक को लेकर फैला भ्रम टूटा, केरल की अभ्यर्थी फैरूज फातिमा एम का हुआ चयन

अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻


हरिद्वार। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 708वीं रैंक को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों का सच अब सामने आ गया है। जांच के बाद स्पष्ट हुआ है कि यह रैंक केरल की अभ्यर्थी फैरूज फातिमा एम को मिली है, न कि हरिद्वार के पिरान कलियर की किसी छात्रा को।


पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो रही थीं, जिनमें दावा किया जा रहा था कि हरिद्वार जिले के पिरान कलियर की एक लड़की ने UPSC में 708वीं रैंक हासिल की है। इन पोस्टों के साथ अलग-अलग तस्वीरें भी साझा की जा रही थीं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी और यह खबर तेजी से फैलने लगी।


मामले की सच्चाई जानने के लिए जब संबंधित कोचिंग संस्थान से संपर्क किया गया, जिसने सोशल मीडिया पर फैरूज फातिमा एम को बधाई देते हुए पोस्ट साझा की थी, तो वहां से स्पष्ट जवाब मिला। संस्थान ने बताया,
“Kindly note that Fairuz Fathima M secured AIR 708, and she was a student of our Prelims-cum-Mains batch.”


इसके बाद जब अभ्यर्थी के मूल स्थान के बारे में जानकारी ली गई, तो संस्थान ने साफ किया कि फैरूज फातिमा एम केरल की रहने वाली हैं और वही 708वीं रैंक की वास्तविक अभ्यर्थी हैं।


इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह साफ हो गया है कि पिरान कलियर से जुड़ा दावा सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट पोस्टों की वजह से सामने आया था। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पर फैलने वाली खबरें कैसे लोगों के बीच भ्रम पैदा कर देती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़ी उपलब्धि या खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना बेहद जरूरी है, ताकि गलत जानकारी फैलने से रोका जा सके।

Comments (0)