हेमकुंड एक्सप्रेस में बिछड़ी वृद्धा को जीआरपी ने सकुशल परिजनों तक पहुंचाया
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रुड़की। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) रुड़की ने अपनी तत्परता, मानवता और संवेदनशील कार्यशैली का परिचय देते हुए हेमकुंड एक्सप्रेस में अपने परिवार से बिछड़ी 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सकुशल उनके परिजनों से मिलाकर एक सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्ञानोदय देवी (90 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय किशन चंद्र, निवासी राजपुरा सांबा, जम्मू-कश्मीर, अपने परिवार के साथ जम्मू से ऋषिकेश जाने वाली हेमकुंड एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान वह अचानक अपने परिवार से बिछड़ गईं और रेलवे स्टेशन पर ही छूट गईं। अकेली और परेशान अवस्था में मिली बुजुर्ग महिला को देखकर जीआरपी रुड़की पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। पुलिस टीम ने सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला की पहचान स्थापित की तथा उनके परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क किया।

परिजनों को सूचना देकर जीआरपी चौकी रुड़की बुलाया गया, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
मां को सुरक्षित पाकर भावुक हुए परिजन अपनी बुजुर्ग मां एवं दादी को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने जीआरपी रुड़की पुलिस की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता और तत्परता की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए पूरी टीम का धन्यवाद किया।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में जीआरपी रुड़की के निम्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही—
अपर उप निरीक्षक गिरीश चंद्र उनियाल
कांस्टेबल जितेंद्र कुमार
कांस्टेबल चंद किरण
कांस्टेबल जाहुल हसन मिर्जा
कांस्टेबल सनी कुमार
महिला कांस्टेबल ममता
कांस्टेबल आशीष कुमार
होमगार्ड सुधीर कुमार
होमगार्ड आदेश कुमार
जीआरपी रुड़की की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और उनकी सुरक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहती है।