Breaking News
● हरिद्वार में राशन कार्डों का विशेष सत्यापन अभियान जारी, 462 कार्ड निरस्त ● पिरान कलियर में पुलिस की मुस्तैदी से टली बड़ी अनहोनी, लावारिस मिले मासूम को परिजनों से मिलाया ● खानपुर विधानसभा में बढ़ा सुराज सेवा दल का जनाधार, जलालपुर और अतमालपुर में रमेश जोशी का भव्य स्वागत ● धोखाधड़ी के ₹5000 के इनामी आरोपी को हरिद्वार पुलिस ने दबोचा, चार साल से था फरार ● 25 दिन की मैराथन जांच के बाद ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, प्रेम प्रसंग में महिला की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार ● 25 दिन की मैराथन जांच के बाद ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, प्रेम प्रसंग में महिला की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार ● चलती बस में लगी भीषण आग, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा (देखे वीडियो) ● हेमकुंड एक्सप्रेस में बिछड़ी वृद्धा को जीआरपी ने सकुशल परिजनों तक पहुंचाया ● विश्व पर्यावरण दिवस पर सेवासेतु फाउंडेशन का हरित अभियान, पुलिस अधिकारियों ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
उत्तराखंड

"घोसीपुरा केस में बड़ा खुलासा, वायरल वीडियो निकला साजिश का हथियार..!

✍ Super Admin 🕒 08 Feb 2026, 04:33 PM
"घोसीपुरा केस में बड़ा खुलासा, वायरल वीडियो निकला साजिश का हथियार..!

अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻

रुड़की: कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के गांव घोसीपुरा में तीन दिन पहले हुए खूनी संघर्ष के मामले ने अब नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। इस मामले में विपक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो अब पूरी तरह संदिग्ध साबित होता नजर आ रहा है। वीडियो में दिख रहे युवक ने खुद सामने आकर इसकी सच्चाई उजागर कर दी है।

वायरल वीडियो में जमीन पर पड़े युवक की पहचान अनुज के रूप में की गई थी, जिसके पास एक देशी तमंचा दिखाकर उसे आरोपी के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई। लेकिन अब अनुज ने मीडिया को बताया कि यह वीडियो उसकी मर्जी से नहीं, बल्कि दबाव, धमकी और डर के माहौल में बनवाया गया था।

अनुज का आरोप है कि वीडियो बनाने वाले लोग दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिनका आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसने बताया कि पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, फिर तमंचा दिखाकर उसे डराया गया और हाकम के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर किया गया। युवक ने यह भी कहा कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं।

पीड़ित युवक के अनुसार, विपक्ष ने उसे जानबूझकर मोहरा बनाकर वीडियो वायरल किया, ताकि पुलिस पर क्रॉस केस दर्ज कराने का दबाव बनाया जा सके और पूरे घटनाक्रम को गलत दिशा में मोड़ा जा सके।

गौरतलब है कि इस खूनी संघर्ष में हाकम समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हाकम की हालत नाजुक होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। अब वायरल वीडियो की पोल खुलने के बाद मामला और भी संगीन हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं और किसके इशारे पर कानून व पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई।

Comments (0)