ऑपरेशन प्रहार में कलियर पुलिस की बड़ी कामयाबी
✍ Super Admin
🕒 08 May 2026, 04:43 PM
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पिरान कलियर। हरिद्वार जनपद की कलियर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत एक सराहनीय कार्यवाही करते हुए तीन माह से लापता चल रही नाबालिग बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों से मिलवा दिया। पुलिस की सतर्कता और संवेदनशील कार्रवाई से बच्ची संभावित खतरे और गलत हाथों में जाने से सुरक्षित बच गई। बच्ची के सकुशल मिलने पर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपदभर में संदिग्ध व्यक्तियों, बाहरी लोगों तथा होटल-ढाबों के सत्यापन को लेकर “ऑपरेशन प्रहार” अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कलियर पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी।
प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी के नेतृत्व में कलियर पुलिस टीम नई बस्ती क्षेत्र में होटल सत्यापन अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक नाबालिग लड़की संदिग्ध अवस्था में घूमती दिखाई दी। पूछताछ करने पर बच्ची कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकी, जिसके बाद पुलिस उसे संरक्षण में लेकर थाने ले आई।

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा काउंसलिंग और गहन पूछताछ के बाद बच्ची ने एक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। संपर्क करने पर खुलासा हुआ कि उक्त नाबालिग 04 फरवरी 2026 से नागपुर के कामठी थाना क्षेत्र स्थित आनंदनगर इलाके से लापता थी। इस संबंध में थाना कामठी में अपहरण का मुकदमा भी दर्ज था।
मामले की जानकारी मिलते ही कलियर पुलिस ने तत्काल नागपुर पुलिस और बच्ची के परिजनों को सूचना दी। इसके बाद बाल कल्याण समिति की सहायता से बच्ची को सकुशल उसके परिजनों और थाना कामठी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

पूरे घटनाक्रम में हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी की अहम भूमिका रही, जिन्होंने बच्ची से बातचीत कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी, महिला उपनिरीक्षक विशाखा असवाल, हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी तथा महिला होमगार्ड गीता गिरी शामिल रहे।
सतर्कता और संवेदनशीलता बनी मिसाल
कलियर पुलिस की इस कार्यवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस की सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से न केवल अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है, बल्कि मासूम जिंदगियों को भी सुरक्षित बचाया जा सकता है।

